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मुख्य मुद्दा
कालिंदीखाल के पर्यटक अभी नहीं मिले
Posted on: 2010-09-26

आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केन्द्र द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार 26 सितम्बर, 2010 सांय सात बजे तक बचाव एवं राहत कार्यो की स्थिति निम्नानुसार है:-

उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंसे पर्यटकों की खोज का कार्य राज्य सरकार द्वारा भारतीय थल सेना के 02 चीता हैलीकाप्टरों की मदद से किया जा रहा है। भारतीय थल सेना के चीता हैलीकाॅप्टरों दिनांक 25 सितम्बर, 2010 से गंगोत्री-कालिन्दीखाल मार्ग पर फँसे पर्यटक दल की खोज की जा रही थी। उ नके द्वारा दिनांक 26 सितम्बर के दोपहर तक 13 उड़ाने भर कर इन पर्यटको के मिल सकने की सभी सम्भावित स्थानों का गहन सर्वेक्षण कर लिया था।

ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में विगत सप्ताह में हुई भारी बर्फबारी के कारण जमीन पर पर्यटको की उपस्थिति के किसी भी प्रकार के कोई भी चिन्ह नहीं पाये जा सके। 26 सितम्बर, 2010 की दोपहर में थल सेना द्वारा खोज कार्य बन्द कर दिया गया और सेना के हैलीकाॅप्टर वापस लौट गये। आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड शासन के खोजी दल के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार के बचाव दल व उनके दो मंत्रियों, श्री कान्ति गाँगुली एवं डा0 श्रीकुमार मुखर्जी आज प्रातः दो हैलीकाॅप्टर से हर्षिल पहुँचे।
 
वहां पर दल के सदस्यों द्वारा खोज कार्य में लगे सेना के पयलटों के साथ विचार विमर्श किया गया तथा खोज की रणनीति बनायी गयी। तद्पश्चात काफी नीची उड़ान भर कर दोनों ही क्षेत्रों में फँसे पर्यटको को खोजने का कार्य किया गया। सायं 3ः30 बजे क्षेत्र में वर्षा व मौसम के खराब हो जाने के कारण खोज कार्य बन्द कर दिया गया। पश्चिम बंगाल सरकार के खोजी दल के 02 सदस्यों को गंगोत्री में रह कर स्थिति की सूचना देते रहने के निर्देश दिये जाने के साथ खोजी दल के अन्य सदस्य व मंत्री वापिस लौटे गये।

जिलाधिकारी, उत्तरकाशी द्वारा पूर्व में ही एक खोजी दल पैदल मार्ग से कालिन्दीखाल मार्ग पर फँसे पर्यटको को खोजने के लिये भेजा गया है। उन्हे भारत तिब्बत सीमा पुलिस या नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से सांकरी-क्यारकोटी क्षेत्र में भी एक खोजी दल भेजे जाने हेतु अनुरोध किये जाने का सुझाव दिया गया है। 

अन्य सूचनाएं:-

1. राहत एवं बचाव कार्य  छठवें दिन भी जारी रहा।
2. एनडीआरएफ की छः नौकाओं द्वारा उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड से 48 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। इन नौकाओं ने स्थानीय लोगों एवं यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहंुचाया।
3. विभिन्न देशों एवं राज्यों के 469 यात्री स्वेच्छा से नौगांव में ठहरे हुए हैं, जो मसूरी के रास्ते आ सकते हैं। इन यात्रियों में नेपाल, भूटान तथा देश के विभिन्न यात्री शामिल हैं। इन यात्रियों को नौगांव के होटलों में ठहराया गया है।
4. एनडीआरएफ की नौकाओं द्वारा प्रतापनगर तहसील के भैगांव के चार बीमार लोगों को कोटी तक पहुॅचायां गया है।
5. गुंजी में अभी 25 लोग रूके हुए हैं, जिन्हें मौसम खराब होने के कारण नहीं निकाला जा सका है।
6. ऋषिकेश-गंगोत्री सुक्खी टॉप में बन्द है।
7. ऋषिकेश-बदरीनाथ और ऋषिकेश-केदारनाथ मार्ग खुल गए हैं।
8. सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
9. टिहरी बांध का जलस्तर 825.51 पर है।
10. राहत एवं बचाव कार्य सोमवार को भी जारी रहेगे।
11. राहत एवं बचाव कार्य के लिए हवाई अभियान सोमवार को जारी रहेगा।
12. आवश्यक वस्तुओं एवं दवाईयों को दूरस्थ क्षेत्रों में प्रभावितों तक पहुंचाया जायेगा। -
 
ज़िलावार आपदा हालातः

पिथौरागढ़ः-


13. आपदा से जिले में 450 गांव व 15937 परिवार प्रभावित होने के साथ 82200 जनसंख्या भी प्रभावित हुई है।
14. आपदा से 5409 क्षेत्रफल व 2972 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
15. अब तक अहैतुक सहायता के रूप में रुपये 1,38,265 अनुग्रह सहायता के रूप में रुपये 6,10,320 रुपये तथा गृह अनुदान के रूप में रुपये 23,92,500 की धनराशि के साथ टैंट आदि सामग्री भी प्रभावितों में वितरित की जा चुकी है।
 16. अब तक 103 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 276 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं साथ ही 31 पशुहानि व 08 मानव हानि हुई है और आपदा से 10 व्यक्ति भी घायल हुए हैं।
17. पिथौरागढ़ से टनकपुर मार्ग तथा पिथौरागढ़ से धारचूला, पिथौरागढ़ से मुनस्यारी मार्ग खुले हैं।

अल्मोड़ा:-

18. विगत दिनों हैलीकाप्टर के माध्यम से जो राहत सामग्री आयी थी उसका वितरण प्रभावित परिवारों को ठहरने हेतु बनाये गये 204 कैम्पों में 5593 लोगों को किया गया है।
19. रविवार को राजपुर, ओड़खोला, न्यू कालोनी सरसों, व कनार्टकखोला में टीमे भेजकर आपदा प्रभावित से भेंट कर नुकसान का जायजा लिया।
20. सरसों में दो प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री भी वितरित कराई गई।
21. जिले में अभी तक 204 राहत कैम्प बनाये गये हैं, जिनमें 5593 लोगों को ठहराया गया है।
22. इस आपदा से 36 जनहानि, 9 घायल, 90 पशुहानि हुई है। इसके साथ ही पूर्ण रूप से 530 मकान तथा आंशिक रूप से 1,112 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
23. जिले में उपभोक्ताओं को आवश्यक सामग्री के साथ कुकिंग गैस भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
24. सड़कों को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अधिकांश सड़कों को यातायात के लिये खोल दिया गया है।

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वेबसाइट अच्छी है. थोड़ी कलरफ़ुल कर दीजिए. अभी सादी लग रही है. बाक़ी शुरुआत अच्छी है.
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